भारत का भूगोल भाग:-2(a) भौतिक विभाजन।उत्तर भारत का पर्वतीय प्रदेश।पर्वत श्रेणीया।bharat ka bhugol।bhautik vibhajan।bharat ke parvatiy pradesh
भारत का भूगोल भाग:-2(a) भौतिक विभाजन।उत्तर भारत का पर्वतीय प्रदेश।पर्वत श्रेणीया।bharat ka bhugol।bhautik vibhajan।bharat ke parvatiy pradesh
भारत का भूगोल भाग :-2(a) भौतिक विभाजन
1.संपूर्ण भारत के 28.8% भूभाग पर पर्वत व पहाड़ियों का विस्तार है।
(पर्वत 10.7%+पहाड़ी 18.10%)
2.और 44% भूभाग पर विस्तृत मैदान का विस्तार है
3.भौतिक संरचना तथा धरातल के स्वरूप के अनुसार भारत को पांच भागों में बांटा गया है :-
●उत्तर का पर्वतीय मैदान
●विशाल मैदान
●प्रायद्वीपीय पठार
●मरुस्थलीय प्रदेश
●समुद्र तटीय मैदान
4. भारत को मुख्यतः 4 प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित किया गया है
●उत्तर का पर्वतीय क्षेत्र
●विशाल मैदान
●प्रायद्वीपीय पठार
●तट एवं दीप
5.विवर्तनिक प्रक्रमो के आधार पर भारत को तीन प्रमुख और 7 उप भौतिक प्रदेशों में बांटा गया है
●उत्तरीय पर्वत
●सिंधु गंगा मैदान
●थार मरुस्थल
●मध्य उच्च भूमि और दक्कन का पठार
●पूर्वी तट पश्चिमी तट
●अपतटीय सागर और दीप।
6. अल्फ्रेड वेगनर के महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के अनुसार भारतीय स्थल पिंड गोंडवानालैंड का भाग है।
7.गोंडवानालैंड में दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, अंटार्कटिक, ऑस्ट्रेलिया और भारत एक ही स्थल पिंड के रूप में जुड़े थे।
8. लगभग 200 मिलियन वर्ष पूर्व में गोंडवानालैंड के विशाल भूखंड का विखंडन हुआ जिससे भारतीय स्थलपिंड उत्तर की ओर खिसक गया इसी समय भारत के विंन्ध एवं पश्चिमी घाट पर्वतों का निर्माण हुआ।
9.हिमालय का निर्माण प्राचीन टेथिस सागर के निक्षेपो से हुआ है।
10. हिमालय की उत्पत्ति के संबंध में आधुनिक सिद्धांत प्लेट विवर्तनिकी है।
11. हिमालय को चार प्रमुख समांतर पर्वत श्रेणी क्षेत्रों में बांटा गया है :-
●ट्रांस हिमालय (तिब्बत क्षेत्र)
●बृहत हिमालय (महान हिमालय,आंतरिक हिमालय)
●लघु हिमालय (मध्य हिमालय)
●बांह/उप हिमालय (शिवालिक)
1.ट्रांस हिमालय :-
●यह सबसे प्राचीन पर्वत श्रेणी है इसके अंतर्गत काराकोरम, लद्दाख, जास्कर पर्वत श्रेणियां आती हैं।
●K2 या गॉडविन ऑस्टिज (8611 मीटर) काराकोरम(कृष्णागिरी) की सर्वोच्च चोटी है जो भारत की सबसे ऊंची चोटी है।
2.वृहद/सर्वोच्च हिमालय :-
●यह हिमालय की सबसे ऊंची श्रेणी है।
●इसकी ऊंचाई औसतन 2500 मीटर है।
●वृहद हिमालय सबसे प्राचीनतम श्रेणी ओलिगोसीन युग की है
●विश्व की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट (नेपाल) इस पर्वत श्रेणी में स्थित है।
●कंचनजंगा, नंगा पर्वत, नंदादेवी, कामेट, नामचाबरवा आदि इसके महत्वपूर्ण पर्वत शिखर है।
●वृहद हिमालय लघु हिमालय से (MST) मेन सेंट्रल थ्रस्ट के द्वारा अलग होती है।
3. लघु/मध्य हिमालय (हिमाचल श्रेणी) :-
●पीरपंजाल(जम्मू कश्मीर),धौलाधर(हिमांचल प्रदेश),मसूरी,नागटिब्बा (उत्तराखंड)एवं महाभारत(नेपाल) आदि इसके महत्वपूर्ण पर्वत शिखर हैं
● हनुमान टिब्बा धौलाधर पर्वत श्रेणी की सबसे ऊंची श्रृंखला है।
● धौलागिरि,अन्नपूर्णा नेपाल की पर्वत श्रृंखला है।
● पूर्व से पश्चिम की ओर महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखला का क्रम :- कंचनजंगा, एवरेस्ट, अन्नपूर्णा, धौलागिरी ।
●कंचनजंगा(8586मीटर) विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी है।
●कंचनजंगा पूर्व में तीस्ता नदी और पश्चिम में तामुर नदी के बीच स्थित है यह पूर्वी नेपाल और भारत की सिक्किम में स्थित है
●K2( गॉडविन आस्टिज, 8611 मीटर) विश्व की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है।
●K2( गॉडविन आस्टिज) पाक0 अधिकृत भारत क्षेत्र में स्थित है
●माउंट एवरेस्ट (ग्रेट हिमालय) की ऊंचाई 8848 मीटर है यह विश्व की सबसे ऊंची चोटी है।
● शिमला,कुल्लू,मनाली,धर्मशाला, डलहौजी हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल है। मसूरी, रानीखेत, नैनीताल; उत्तराखंड के पर्यटन स्थल है। दार्जिलिंग प.बंगाल का पर्यटन स्थल है। आदि लघु हिमालय के अंतर्गत आते हैं।
●लघु हिमालय का विस्तार 2 देशो भारत और नेपाल में है
●भारत के तीन राज्यो में लघु हिमालय का विस्तार है :-
जम्मू कश्मीर, हिमांचल प्रदेश, उत्तराखंड
●लघु हिमालय की सबसे लंबी पर्वत शृंखला पीरपंजाल है
●लघु हिमालय को नेपाल में महाभारत पर्वत शृंखला के नाम से जाना जाता है।
●लघु हिमालय की सबसे उत्तरीय पर्वत शृंखला पीर पंजाल एवं दक्षिणतम पर्वत शृंखला धौलाधर है।
●पीरपंजाल पर्वत श्रृंखला के अंतर्गत 2 प्रमुख दर्रे आते है:-
1.पीरपंजाल दर्रा:-
2.बनिहाल दर्रा:-जम्मू को कश्मीर से जोड़ता है।
● लघु हिमालय क्षेत्र में अल्पाइन चारागाह पाया जाता है। जिन्हें कश्मीर में मर्ग( गुलमर्ग, सोनमर्ग) तथा उत्तराखंड में बुग्याल या पयार कहा जाता है।
● लघु हिमालय शिवालिक से (MBF) मेन बाउंड्री फॉल्ट के द्वारा अलग होती है।
4. शिवालिक या बांह हिमालय या निम्न हिमालय या उप हिमालय :-
●यह हिमालय का नवीनतम भाग है।
●शिवालिक श्रेणी हिमालय की सबसे दक्षिण श्रेणी है।
●इसकी ऊंचाई औसतन 900 से 1200 मीटर है।
●शिवालिक के निचले भाग को तराई कहते हैं।
●शिवालिक एवं लघु हिमालय के बीच काठमांडू घाटी स्थित है । पश्चिमी में इन्हे दून या द्वार कहते हैं जैसे:- देहरादून, हरिद्वार।
● उत्तर भारत में उप हिमालय क्षेत्र के सहारे पहले समतल मैदान को भाबर कहा जाता है।
● शिवालिक की पहाड़ियां हिमालय पर्वत का हिस्सा है।
● शिवालिक या वाह हिमालय का निर्माण प्लायोसीन (सेनोजोइक) युग में हुआ।
●हिमालय की सभी श्रेणियों का उत्थान टरशियरी
काल के युग में हुआ।
● हिमाचल पर्यायवाची है मध्य हिमालय का।
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