भारत का भूगोल (भाग :-20 A) राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं : परिवहन। सड़क परिवहन। रेल परिवहन। जल परिवहन। वायु परिवहन । parivahan। sadak parivahan । rel parivahan । jal parivahan

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं : परिवहन। सड़क परिवहन। रेल परिवहन। जल परिवहन। वायु परिवहन 


 भारत मे परिवहन के साधन :-


1.स्थल परिवहन

i. सड़क परिवहन
ii. रेल परिवहन
iii.पाइपलाइन

2. जल परिवहन

i. आंतरिक जल परिवहन
ii. समुंद्री परिवहन

3. वायु परिवहन

i. घरेलू विमान सेवा
(क) सार्वजनिक प्राधिकरण
(ख) निजी विमान सेवा
ii. अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा

i. सड़क परिवहन :-

●किसी भी देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सड़क परिवहन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
●वर्तमान समय में देश में कुल यात्री यातायात का 90% व माल यातायात का 64.5% परिवहन, राजमार्गों के द्वारा संपन्न होता है।
● भारत का सड़क नेटवर्क लगभग 56,03,293 किलोमीटर से अधिक है जो कि विश्व के विशालतम सड़क नेटवर्क में दूसरे स्थान पर है।
● भारत में प्रबंधन के आधार पर सड़कों को तीन भागों में रखा गया है।
• राष्ट्रीय राजमार्ग(national Highways)
• राज्यों के राजमार्ग(state Highways)
• सीमावर्ती सड़कें(Border Roads)
इसके अतिरिक्त  जिला सड़के, ग्रामीण सड़कें, शहरी सड़कें, परियोजना सड़कें भी हैं जो लघु स्तरीय परिवहन राजमार्ग के अंतर्गत आती हैं।

● राष्ट्रीय राजमार्ग:-

● देश में कुल 235 राष्ट्रीय राजमार्ग हैं।
● राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, प्रबंधन, अनुरक्षण तथा उनसे जुड़े अन्य कार्यों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई(NHAI) उत्तरदाई है।
● भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फरवरी 1995 से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
● भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का नियंत्रण केंद्रीय लोक निर्माण विभाग सीपीडब्ल्यूडी(CPWD) द्वारा किया जाता है।

● कुछ प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग

NH-1

दिल्ली-अंबाला-जालंधर-अमृतसर-indo-pak बॉर्डर

NH-2

दिल्ली-मथुरा-आगरा-कानपुर-इलाहाबाद- वाराणसी-कोलकाता

NH-3

 आगरा-ग्वालियर-देवास-मुंबई

NH-4

ठाणे-पुणे-बेंगलुरु-चेन्नई

NH-5

बहारागोरा-चेन्नई पूर्वी तट के साथ

NH-6

 धुले-कोलकाता

NH-7

 वाराणसी-जबलपुर-नागपुर-हैदराबाद-बेंगलुरु- मदुरई-कन्याकुमारी

NH-8

दिल्ली-जयपुर-अजमेर-उदयपुर-अहमदाबाद- बड़ोदरा-मुंबई

NH-9

 मुंबई-विजयवाड़ा

NH-10

 दिल्ली-फाजिल्का

NH-15

पठानकोट-समाखिआली (राजस्थान के मरुस्थल से होकर)

NH-17

पानवेल-इडापल्ली (पश्चिमी तट के साथ)

NH-28

 दिल्ली-लखनऊ

NH-44

श्रीनगर से कन्याकुमारी (देश का सबसे लंबा राजमार्ग)

NH-47A

● विलिंगटन आईलैंड-कोचीन वाई पास (सबसे छोटा राजमार्ग)

2.राज्य राजमार्ग :-

●राज्य राजमार्गों का निर्माण तथा रख-रखाव राज्य सरकारों व संघ शासित क्षेत्रों (राज्य लोक निर्माण विभाग) द्वारा किया जाता है।
●वार्षिक रिपोर्ट 2017-18 के अनुसार, राज्य राजमार्गों की कुल लंबाई 1,55,222 किलोमीटर है।

3.जिला सड़कें :-

● जिला सड़कों के निर्माण तथा रख-रखाव का दायित्व  जिला परिषद और लोक निर्माण विभाग का है।
●देश में जिला सड़को की कुल लंबाई 5,61, 940 किलोमीटर है।

4.ग्रामीण सड़के :-


●ग्रामीण सड़कों का निर्माण एवं रख-रखाव ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाता है।
●वर्तमान में देश में ग्रामीण सड़कों की कुल लंबाई 39,35, 337 किलोमीटर है।

5. सीमावर्ती सड़कें :-


●सीमावर्ती सड़कों का निर्माण एवं प्रबंधन सीमा सड़क विकास बोर्ड द्वारा किया जाता है।
●इसके अतिरिक्त सीमा सड़क संगठन (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) भी देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में थल सेना की सहायता के लिए तीव्र गति से सड़कों, हवाई पट्टीयो का निर्माण कर रहा है।
●वर्तमान में देश में सीमावर्ती सड़कों की कुल लंबाई 21,410 किलोमीटर है।

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP) :-


इस परियोजना में उत्तम गुणवत्ता वाले राज्य मार्गों का निर्माण किया जा रहा है।
इसके अंतर्गत लगभग 14,145 किलोमीटर एक लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्गों को 4 से 6 लेनो में बदलने की एक वृहद परियोजना का प्रारूप तैयार किया गया है।
NHDP-1 व NHDP-2 के अंतर्गत निम्नलिखित परियोजनाएं शामिल हैं-

 स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना :-

यह देश के चार महानगरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को चार लेन वाले राजमार्गों से जोड़ने वाली परियोजना है।
इस सड़क मार्ग की लंबाई 5,846 किलोमीटर है।
यह परियोजना वर्ष 2001 में प्रारंभ होकर वर्ष 2012 में पूर्ण हुई।

उत्तर-दक्षिण व पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर :-


लगभग 7300 किलोमीटर लंबी राजमार्ग परियोजना दो गलियारों में विभाजित है।

उत्तर दक्षिण गलियारा तथा 
पूरब पश्चिम गलियारा

उत्तर दक्षिण गलियारा लगभग 4000 किलोमीटर लंबा है तो श्रीनगर को कन्याकुमारी से जोड़ता है।

पूर्व-पश्चिम गलियारा लगभग 3300 किलोमीटर लंबा है जो असम के सिलचर को गुजरात के पोरबंदर से जोड़ता है।
देश का पहला 6 लेन एक्सप्रेस हाईवे मुंबई-पुणे के मध्य वर्ष 2002 में बनाया गया जिसकी लंबाई 94.5 किलोमीटर है।

भारत के 13 बड़े बंदरगाहों को जोड़ने की योजना :-

इस योजना के अंतर्गत पारादीप, विशाखापट्टनम, हल्दिया, एन्नौर-चेन्नई, तूतीकोरिन, कोचीन, न्यू मंगलुरू, मार्मागाओ, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट(न्हावाशेवा) व कांडला बंदरगाह को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा 380 किलोमीटर लंबी चार लेन के सड़क मार्ग से जोड़ा गया है।

देश के प्रमुख एक्सप्रेस- वे :-


    एक्सप्रेस- वे                         राज्य
यमुना एक्सप्रेस- वे                  उत्तर प्रदेश
मुम्बई-नासिक                           महाराष्ट्र
अहमदाबाद-वडोदरा                   गुजरात
मुम्बई-पुणे                                महाराष्ट्र
जयपुर-किशनगढ़                     राजस्थान
इलाहाबाद बाईपास                  उत्तर प्रदेश
दुर्गापुर एक्सप्रेस-वे                    प.बंगाल
चेन्नई बाईपास                          तमिलनाडु
दिल्ली-गुरुग्राम                     दिल्ली/हरियाणा
नोएडा-ग्रेटर नोएडा               दिल्ली/उ. प्र.
दिल्ली- नोएडा फ्लाई वे          दिल्ली/उ.प्र.
हैदराबाद एलिवेटेड                  आंध्रप्रदेश
होसुर रोड एलिवेटेड                   कर्नाटक
कोना एक्सप्रेस- वे                      प.बंगाल
हैदराबाद आउटर रिंग रोड            तेलंगाना
रायपुर-भिलाई-दुर्ग                      छत्तीसगढ़

अंतर्राष्ट्रीय राजमार्ग :- 

पड़ोसी देशों को जोड़ने वाले देश के कुछ राजमार्गों को अंतर्राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया है।
ये दो प्रकार के है।
1.ऐसे राजमार्ग जो विभिन्न देशों की राजधानियों को जोड़ते है। 
इसकी लम्बाई 63,500 किमी है। भारत मे इस मार्ग का लगभग 2860 किमी विस्तार है।
यह पाकिस्तान की सीमा से होते हुए अमृतसर और दिल्ली-आगरा-कानपुर, कोलकाता-ढाका, आगरा-ग्वालियर-हैदराबाद-बंगलुरु-धनुषकोटि एवं बरही से काठमांडू को जोड़ता है।

2.ऐसे राजमार्ग जो मुख्य मार्गों को नगरो एवं बंदरगाहों से जोड़ते है।
यह राजमार्ग भारत मे फिरोजपुर से आरंभ होकर दिल्ली, मुरादाबाद, टनकपुर(नेपाल की सीमा), तक 900 किमी लंबा है।







Comments